2026 में पंचकूला पुलिस को टेक्नोलॉजी बेस्ड ट्रेनिंग, एआई ऐप्स और आधुनिक टूल्स से किया जाएगा सशक्त, विशेष लैब होंगी निर्धारित
पंचकूला पुलिस को मिल रहा नागरिको का रियल-टाइम फीडबैक, 2025 के अंतिम चरण में सभी प्रमुख पुलिस संपर्क बिंदुओं पर लगाए थे क्यूआर कोड
थाना पहुंचे हर नागरिक की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझे पुलिस: डीसीपी सृष्टि गुप्ता; “मेरा थाना मेरी जिम्मेदारी” पहल शुरु की, धरातल पर उतारने पर दिया जोर
सख्त पुलिसिंग का रोडमैप: चोरी, लूट, स्नैचिंग व महिला अपराधो पर तेज कार्रवाई के निर्देश, लंबित मामलो की जांच में तेजी सुनिश्चित हो
पंचकूला/ 03 जनवरी (7DayzNews):- वर्ष 2026 में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिसिंग को बेहतर, संवेदनशील व स्मार्ट बनाने के उद्देश्य से पंचकूला पुलिस द्वारा एक ठोस रणनीति तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार देर शाम डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता की अध्यक्षता में सैक्टर-1 पंचकूला स्थित जिला सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में लगभग 4 घंटे तक एक मैराथन क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी एसीपी, थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज शामिल हुए, जिसमें अपराध की समीक्षा, लंबित मामलों, महिला अपराधों, तकनीकी सशक्तिकरण और जनता से बेहतर संवाद जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चोरी, स्नैचिंग और लूट जैसे अपराधों पर पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और गुणवत्ता में सुधार करने पर विशेष जोर दिया, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिल सके।
डीसीपी ने जिले में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए इस दिशा में और अधिक सतर्क, त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पंचकूला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता को सुरक्षित एवं भरोसेमंद वातावरण प्रदान किया जाना चाहिए।
बैठक में डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की भी सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जब भी कोई नागरिक थाना या चौकी में आता है, वह पहले से ही पीड़ा में होता है, ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि उसकी समस्या को अपनी समस्या समझकर संवेदनशीलता के साथ उसकी सहायता की जाए। इसी भावना को मजबूत करने के लिए “मेरा थाना, मेरी जिम्मेदारी” पहल को और प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया गया, ताकि प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने थाना क्षेत्र को अपने परिवार की तरह समझे और किसी भी आपराधिक घटना होती है तुरंत मौके पर पहुंचना सुनिश्चित करे।
वर्ष 2026 में पंचकूला पुलिस को और अधिक स्मार्ट व तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। डीसीपी ने बताया कि पुलिसकर्मियों को टेक्नोलॉजी बेस्ड ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें एआई आधारित एप्स, पुलिस प्रणाली में उपयोग होने वाले नए सॉफ्टवेयर तथा आधुनिक तकनीकी टूल्स का प्रशिक्षण शामिल होगा। इसके लिए विशेष लैब भी निर्धारित की गई है और पूरी प्रशिक्षण रुपरेखा तैयार की जा रही है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष के अंतिम चरण में पंचकूला पुलिस द्वारा सभी कार्यालयों, पुलिस थानों, चौकियों, यातायात चौकियों और सभी प्रमुख पुलिस संपर्क बिंदुओं पर क्यूआर कोड लगाए गए थे। इन क्यूआर कोड्स के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल फोन से सीधे फीडबैक फॉर्म तक पहुंच सकते हैं, जहां वे पुलिस सेवा की गुणवत्ता, पुलिसकर्मियों के व्यवहार और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रभावशीलता को रेट कर सकते हैं। इस पहल से नागरिकों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिल रहा है और पुलिस सेवा वितरण में निरंतर सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण फीडबैक प्राप्त हो रहा है। वर्तमान में लोग सक्रिय रूप से पुलिस को रिव्यू कर रहे हैं, जिससे पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाया जा रहा है।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज: पंचकूला पुलिस वर्ष 2026 में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, तकनीकी सशक्तिकरण और जनता के विश्वास को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।