- 3 अवैध अतिक्रमणों को किया ध्वस्त, 15 महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा
- साइबर ठगी के अपराध में 22 गिरफ्तार और 59 लाख रुपये ठगी होने से बचाए
चंडीगढ़, 5 दिसंबर(ईशान राय)। हरियाणा पुलिस ने राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों में भय पैदा करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ के तहत एक व्यापक और सघन अभियान चलाया। 4 दिसंबर 2025 को चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान, पुलिस की विभिन्न टीमों ने राज्य भर में चिह्नित किए गए 707 हॉटस्पॉट्स (अपराध संभावित क्षेत्रों) पर एक साथ धावा बोला। पुलिस की इस मुस्तैदी का ही परिणाम है कि महज एक दिन के भीतर 92 नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए और विभिन्न अपराधों में संलिप्त 165 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया।
नशे के नेटवर्क पर करारी चोट और नशा तस्करों की धरपकड़
राज्य को नशामुक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए, पुलिस ने इस अभियान के दौरान नशे के सौदागरों की कमर तोड़ कर रख दी। जमीनी स्तर पर की गई छापेमारी में पुलिस को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद करने में सफलता मिली है। विभिन्न जिलों से कुल मिलाकर 4.33 किलोग्राम गांजा, 218 ग्राम अफीम, 2 किलोग्राम डोडा पोस्त और 85 ग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की गई है। इसके अलावा, नशा तस्करों के पास से 890 नशीली गोलियां और 23.5 ग्राम स्मैक भी बरामद हुई है। विशेष रूप से सिरसा और फतेहाबाद जैसे जिलों में पुलिस की कार्रवाई ने नशा तस्करों के नेटवर्क को गहरा आघात पहुँचाया है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि नशे का कारोबार करने वालों के लिए हरियाणा में कोई जगह नहीं है।
अवैध शराब और हथियारों के जखीरे पर बड़ा प्रहार
अपराध की दुनिया में अवैध शराब और हथियारों की आपूर्ति एक बड़ी चुनौती रही है, जिसे रोकने के लिए इस ऑपरेशन में विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस टीमों ने राज्य भर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है, जिसमें 839 बोतल देसी शराब, अंग्रेजी शराब और अन्य अवैध शराब सहित कुल 1000 से अधिक बोतलें जब्त की गई हैं। इसके साथ ही, 570 लीटर लाहन को भी जब्त किया गया। वहीं, अवैध हथियारों के खिलाफ भी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बदमाशों के पास से 3 पिस्तौल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आर्म्स एक्ट के तहत 5 नए मामले दर्ज कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
गैंगस्टरों और हिंसक अपराधियों की घेराबंदी
संगठित अपराध और गैंगस्टर्स के खिलाफ हरियाणा पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति इस अभियान में भी देखने को मिली। पुलिस ने खुफिया तंत्र को सक्रिय करते हुए 22 खूंखार और हिंसक अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय को मजबूत करते हुए पड़ोसी राज्यों के साथ 15 महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा की हैं, ताकि अपराधी राज्य की सीमाओं का फायदा न उठा सकें। इसी कड़ी में, फतेहाबाद जिले में एक लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है और एक हिंसक अपराधी का पासपोर्ट रद्द करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, ताकि वे विदेश न भाग सकें।
अपराध से अर्जित संपत्ति पर बुलडोजर और कुर्की की कार्रवाई
पुलिस ने अब केवल अपराधियों को पकड़ने तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि अपराध से कमाई गई काली कमाई पर भी चोट करना शुरू कर दिया है। आर्थिक प्रहार करते हुए, फतेहाबाद जिले में एक हिंसक अपराधी की अपराध से अर्जित संपत्ति को अटैच (कुर्क) करने की कार्रवाई की गई है। वहीं, हांसी जिले में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर हिंसक अपराधियों द्वारा किए गए 3 अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया। यह कदम अपराधियों के आर्थिक स्रोतों को सुखाने और यह संदेश देने के लिए उठाया गया है कि अपराध के रास्ते से बनाई गई संपत्ति सुरक्षित नहीं रह सकती।
खाकी का मानवीय पहलू: सुरक्षा के साथ सेवा भी
एक तरफ जहां पुलिस अपराधियों पर वज्र बनकर टूटी, वहीं दूसरी तरफ उसने समाज के जरूरतमंदों के लिए मदद का हाथ भी बढ़ाया। ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पुलिस की सामुदायिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है। अपनी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने राज्य भर में 399 ऐसे लोगों की सहायता की जो विपत्ति में थे या जरूरतमंद थे। यह आंकड़ा साबित करता है कि हरियाणा पुलिस कानून का पालन कराने में जितनी सख्त है, नागरिकों की सेवा और सुरक्षा में उतनी ही संवेदनशील भी है।
युवक की हत्या मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई: स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट के हत्थे चढ़ा एक संदिग्ध
कैथल के थाना शहर क्षेत्र में हुई एक युवक की निर्मम हत्या के मामले में जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, डेहा बस्ती निवासी राकेश कुमार का 20 वर्षीय बेटा आशु, जो करियाने की दुकान चलाता था, 4 दिसंबर की सुबह एक फोन कॉल आने के बाद घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में उसका शव रामनगर फाटक के पास झाड़ियों में मिला, जिसके सिर पर चोट के गहरे निशान थे। घटना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) उपासना ने तुरंत स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (SDU) और सीआईए-1 को जांच सौंपी और मामले को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए। पुलिस की सक्रियता रंग लाई और स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के इस मामले में एक संदिग्ध आरोपी को काबू कर लिया है, जिससे अब गहनता से पूछताछ की जा रही है।
यूनिवर्सिटी गेट पर फायरिंग और हुड़दंग मामले में पुलिस का एक्शन, 3 संदिग्ध हिरासत में
एनआईआईएलएम (NIILM) यूनिवर्सिटी, कैथल के गेट पर हुई फायरिंग और मारपीट की दुस्साहसिक घटना में भी पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पीड़ित छात्र नितिन के बयान पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बताया कि 4 दिसंबर की दोपहर काली स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों ने गेट पर मौजूद छात्रों के साथ झगड़ा किया और लाठी-डंडों से तोड़फोड़ करते हुए उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली नितिन के बाएं पैर में लगी। हमलावरों की पहचान कर्ण, अरुण, सिद्धांशु और हर्ष उर्फ हन्नी सहित अन्य के रूप में हुई है। वारदात की सूचना मिलते ही स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे घटना के संबंध में पूछताछ जारी है।
साइबर ठगों पर पुलिस का प्रहार: 22 गिरफ्तार और 59 लाख रुपये ठगी होने से बचाए
राज्य में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने पिछले 24 घंटों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कुल 309 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें करीब 88,36,208 रुपये की ठगी की जानकारी दी गई थी। साइबर टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए सूझबूझ का परिचय दिया और कुल राशि में से 59,14,533 रुपये (लगभग 66.94 प्रतिशत) को ठगों के खातों में जाने से पहले ही फ्रीज कर दिया। एक विशेष मामले में तो पीड़ित द्वारा समय पर सूचना देने के कारण टीम ने 1,10,476 रुपये की ठगी में से 91,976 रुपये (83.25%) तुरंत होल्ड कर लिए। इसके अलावा, पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 22 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे 2.53 लाख रुपये बरामद किए गए और पीड़ितों के बैंक खातों में 30,51,748 रुपये की राशि वापस रिफंड करवाई गई है।